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Story Doga Dhwast | Doga Unmoolan -6 Raj Comics

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Story - Doga Dhwast | Doga Unmoolan -6

लेखक: मंदार गंगेले | चित्रांकन: दिलदीप सिंह | स्याहिकार: विनोद कुमार, ईश्वर आर्ट्स, स्वाति चौधरी | रंगसज्जा: भक्त रंजन | शब्दांकन: मंदार गंगेले | संपादन: मनीष गुप्ता

संख्या/कोड: SPCL-2607-H | भाषा: हिंदी | पृष्ठ: 64 । मूल्य: 60.00



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राज कॉमिक्स की एकल कॉमिक्स श्रंखला 'डोगा उन्मूलन' की छठी कड़ी 'डोगा ध्वस्त'। आइए एक नजर डालते हैं और जानते हैं, क्या कुछ हुआ कॉमिक 'डोगा ध्वस्त' में।

कहानी: डोगा ध्वस्त | डोगा उन्मूलन 6 | राज कॉमिक्स

 नोट:- पूरी कॉमिक्स में कहीं भी घटनाक्रम नम्बरों में नहीं दिखाए गए हैं, यहाँ पर दिखाए गए दृश्य नंबर्स का उद्देश्य केवल पाठकों को कहानी समझाना है।


दृश्य 1 -  मुंबई कुछ वर्ष पहले:
युसूफ अंश के सामने ही उसके माता-पिता की हत्या कर चुका है। वो अंश को भी मार देता लेकिन इससे पहले सूरज युसूफ और उसके आदमियों की आंखों में धूल झोंककर अंश के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लेता है। युसूफ के आदमी रसोई की गैस पाइप काट कर सारे घर को आग लगा देते हैं। सूरज इस भयानक आग से अंश को बचा तो लेता है, लेकिन अंश का चेहरा जल जाता है।

दृश्य 2 - लायन जिम, मुंबई, वर्तमान समय:
अदरक चाचा और चीता घायल सूरज को लेकर चिंतित हैं लेकिन पुलिस के डर से वह सूरज को हस्पताल भी नहीं ले जा सकते। घर पर ही सूरज का इलाज कर रहे डॉक्टर जेटली का कहना है कि ज़हरीली दवा के कारण सूरज पर इतनी लंबी बेहोशी छाई हुई है। तभी कीर्तिमान (मोहर) वहां आता है और वह दोनों को आश्वस्त करता है की अब वह रोकेगा डोगा के दुश्मन निर्मूलक को।

दृश्य 3 - सिद्धि विनायक अपरमेन्ट्स, शोनाली का फ्लैट, मुम्बई, वर्तमान समय:
निर्मूलक शोनाली को घायल कर चुका था और उसे मार भी डालता, लेकिन तभी लोमडी वहाँ आ पहुँचती है और निर्मूलक को रोकने का प्रयास करती है। शोनाली को वहां से निकलने का मौका मिल जाता है। लोमड़ी निर्मूलक को बेहोश करने में सफल होती है, वह उसे बेनकाब कर पुलिस के हवाले करने की सोच ही रही थी। तभी उसका दूसरा व्यक्तित्व यानी मोनिका उसके सामने आ जाता है और उसे ऐसा करने से रोक देता है। मोनिका के अनुसार निर्मूलक डोगा की छवि ख़राब कर रहा है, और ये लोमडी यानी मोनिका के पक्ष में है। क्योंकि जब तक डोगा का अस्तित्व रहेगा तब तक सूरज पूरी तरह से मोनिका का नहीं हो सकता। अपने अंतर्मन, अपने दूसरा व्यक्तित्व से झूझती लोमङी को बेहोश निर्मूलक का ध्यान नहीं रहता और निर्मूलक होश में आकर एक दम से लोमड़ी पर हमला कर देता है। बेखबर लोमड़ी उस बहुमंजिला ईमारत की खिड़की से बाहर गिर जाती है। खुद को बचाने के लिए लोमडी केबल तार का सहारा लेने की कोशिश करती है, लेकिन केबल तार भी टूट जाती है। अब लोमड़ी को अपनी मौत साफ दिख रही थी, लेकिन तभी कीर्तिमान समय पर आ पहुंचता है और लोमड़ी को सुरक्षित थाम लेता है। लोमड़ी को सही सलामत देख निर्मूलक भी निचे आ जाता है और दोनों से भिड़ जाता है।

दृश्य 4 -  मुंबई कुछ वर्ष पहले:
अंश अपने माता पिता के साथ रोलर स्केट की सवारी कर रहा है। उसके बाद अंश अपने पिता द्वारा दिए गए चैलेंज को पूरा करने अकेला हॉन्टेड हाउस में जाता है। जहाँ वह डर कर चीख उठता है और एक दम से उसकी आँख खुल जाती है। दरअसल अंश सपने में अपने सुखद अतीत की झलकें देख रहा था। सूरज उसे शांत करता है, तभी उन्हें बहार कुछ आवाजें सुनाई देती है। वह देखते हैं कि बाहर कुछ बदमाश एक आदमी का क़त्ल कर देते है। ये देख अंश चीख उठता है और बदमाशों को उनके वहाँ होने का एहसास हो जाता है। बदमाश मालगाड़ी के अंदर से आई चीख को सुनकर चीखने वाले को ढूंढने लगते हैं।

दृश्य 5 -  लायन जिम, कुछ वर्ष पहले:
गोलियों से छलनी लहूलुहान सूरज लायन जिम पहुँचता है, जहाँ मोहर सिंह उसकी मदद करता है। मोहर अदरक चाचा को बुलाने लगता है, लेकिन सूरज उसे मना कर देता है और उसे ही गोलियां निकलने को कहता है। गोलियां निकलते हुए मोहर सूरज से कहता है की तुम्हे तो ज़रा भी दर्द नहीं हो रहा और न ही कभी होता है। मैं आज तक इस बात को समझ नहीं सका। सूरज उसे जवाब देता है की अगर समझ जाता तो डोगा न बन जाता। शाम को सूरज फिर से डोगा बनने की तैयारी करता है, तो मोहर उसे कहता है की तुम घायल हो। जवाब में सूरज उससे कहता है की मुम्बई घायल न हो इसलिए डोगा को तो घायल होना ही होगा। मोहर जिद्द करता है की आज वह उसकी जगह डोगा बनकर काम करेगा। लेकिन सूरज उसे मना कर देता है और कहता है कि बेशक तुम किसी भी बात में मुझसे कम नहीं, लेकिन डोगा केवल एक ही है और एक ही रहेगा। डोगा का बजूद दर्द से है, डोगा बनता नहीं, डोगा पैदा होता है। मोहर इसे एक चुनौती मानता है और खुद से वादा करता है की अगर डोगा का बजूद दर्द से है तो अब मैं भी दर्द सहूंगा और दर्द से दोस्ती करूँगा।

दृश्य 6 - सिद्धि विनायक अपरमेन्ट्स के पास, मुम्बई, वर्तमान समय:
निर्मूलक का सामना करते हुए लोमड़ी बेहोश हो जाती है। अब निर्मूलक और कीर्तिमान दोनों एक दुसरे के आमने सामने हैं। दोनों में काफी देर तक घमासान चलता रहता है, कभी एक हावी होता, तो कभी दुसरा। दोनों ही एक दुसरे से कमतर नहीं थे। लेकिन आख़िर मैं निर्मूलक कीर्तिमान पर भारी पड़ता है। अब लोमड़ी के साथ साथ कीर्तिमान भी बेहोश पड़ा है और दोनों की ही ज़िन्दगी अब खतरे में है।

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दृश्य 7 - अज्ञात समय, अज्ञात स्थान:
युसूफ अपनी पत्नी और अपने नवजात बेटे के साथ हस्पताल में ख़ुशनुमा माहौल में है। तभी उसका नवजात बेटा रोने लगता है। युसूफ उसे चुप करवाते हुए कहता है की तुम्हारी हिफाजत का जिम्मा अब मेरा है और मैं हर हाल में तुम्हारी हिफाजत करूँगा। तभी एक शेतान युसूफ के बीबी और बच्चे को उठा लेता है और कहता है की कैसे करोगे इनकी हिफाजत तुम अपने अन्दर के शैतान से।

दृश्य 8 - युसूफ का घर, मुम्बई, वर्तमान समय:
अतीत की यादों में खोया हुआ युसूफ अपनी पुरानी फॅमिली फोटो एलबम्स को देख रहा था। तभी वह समीर को खुद से बात करते हुए देखता है, समीर कहता है की मेरी और अपने परिवार की मौत की वजह आप ही हो पिताजी, और अचानक गायब हो जाता है। युसूफ मायूस हो जाता है, एल्बम रखते वक़्त उसे मेज की दराज में एक फाइल दिखती है जिसपर लिखा है 'कॉन्फिडेन्शियल'। युसूफ उस फाइल को खोलता है तो उसमें उसे एक मेमोरी चिप मिलती है। वह मेमोरी चिप को अपने फ़ोन में डालता है तो देखता है कि उसमें एक वीडियो फ़ाइल है। वीडियो देखने पर युसूफ गुस्से और दर्द से चीख पड़ता है।

दृश्य 9 - सिद्धि विनायक अपरमेन्ट्स के पास, मुम्बई, वर्तमान समय:
लोमड़ी और कीर्तिमान को निर्मूलक एक साथ ख़त्म करने ही वाला था की तभी शोनाली वहाँ आ पहुँचती है और अपनी कार से निर्मूलक को टक्कर मार देती है। इसी बीच कीर्तिमान और लोमड़ी को भी होश आ जाता है। कीर्तिमान एक जोरदार मुक्के से निर्मूलक को बेहोश कर देता है।

दृश्य 10 - चीता के घर पर:
डोर बेल बजती है, मोनिका के इंतज़ार में चीता दरवाजा खोलता है, लेकिन इंस्पेक्टर तेजा को सामने खड़ा पाता है। तेजा कहता है वह उसका बहुत बड़ा फैन है और आज वह उससे सलाह लेने आया है कि वह डोगा को कैसे पकडे। चीता उसे मना कर देता है और कहता है की डोगा का न पकड़ा जाना ही आम जनता और पुलिस दोनों के हित मैं है। चीता इशारों इशारों में तेजा को मौजूदा हो रहे कत्लों और आपराधिक घटनाओं को रोकने का तरीका बताता है।

दृश्य 11 - लायन जिम, मुम्बई:
सूरज की चिंता में डूबे अदरक चाचा अचानक कुछ गिरने की आवाज सुन सोच से बाहर आते हैं। सूरज के कमरे में जाकर वह देखते हैं की सूरज होश में आ गया है और उठने की कोशिश में बिस्तर से गिर गया है। सूरज के एक के बाद एक सवालों से अदरक चाचा खुश होते हैं और कहते हैं की अच्छा हुई तेरी दिमागी हालत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा। अदरक चाचा मौजूद हो रही हिंसा और आपराधिक घटनाओं के बारे में सूरज को बताते हैं और बताते हैं कि एक लड़की पीले गुलाबी कपड़ों में थी जो उसे डोगा के रूप में यहाँ लेकर आई थी। साथ ही वह उसे एक लॉकेट देते हैं जो कि लोमड़ी बेहोश डोगा के साथ लेकर आयी थी। लॉकेट को देख सूरज चोंक पड़ता है। वह अदरक चाचा से कहता है की अगर ये लॉकेट निर्मूलक का है तो समझिये की सारी पहेलियां हल हो गयी। क्योंकि मैं जानता हूँ कि असल में ये लॉकेट किसका है, ये लॉकेट अंश का है।

दृश्य 12 - अज्ञात स्थान, मुम्बई, वर्तमान समय:
पांडे जोकि निर्मूलक का इंतज़ार कर रहा था, निर्मूलक के वहां पहुंचने पर उससे कहता है की वह लेट हो गया है और अब डील के लिए वहां जाने का कोई फायदा नहीं। क्योंकि वह डील अब खुद चल कर हमारे पास आ रही है। जीरो-जी एक ऐसा अपराधी जोकि गुरुत्वाकर्षण को काबू में कर सकता है, वहां आ पहुंचता है, और यही है वह डील करने वाला। निर्मूलक और जीरो-जी दोनों एक दुसरे को आजमाते हैं और अन्तः एक दुसरे के साथ सौदा करने को तैयार हो जाते हैं। जीरो-जी दोनों को प्रोजेक्टर पर कुछ दिखता है, जिसे देख दोनों के चेहरे खिल उठते है। निर्मूलक कहता है की इसका लाइव डेमो दिखायो और डील फाइनल समझो।

दृश्य 13 - मुम्बई में कहीं पर:
लोमड़ी और कीर्तिमान को शोनाली अपनी कार में बिठाकर सिद्धि विनायक अपरमेन्ट्स से दूर ले आती है। रस्ते में लोमड़ी शोनाली को बेहोश कर देती है। कीर्तिमान लोमड़ी से ऐसा करने का कारण पूरी तरह पूछ पाता, इससे पहले लोमड़ी उसे भी बेहोश कर देती है। वह कीर्तिमान को कार से बाहर निकल किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ देती है और शोनाली को अपनी कॉस्ट्यूम पहनाकर खुद उसके कपड़े पहन लेती है। कार से बाहर निकल पैदल चलते हुए मोनिका (लोमड़ी) सोचती है की निर्मूलक के साथ हुई लड़ाई मैं उसे जो खरोंचें लगी है वह भइया को इसके बारे में क्या बताएगी। इसी सोच में डूबी मोनिका को सामने से आ रही गाडी का पता नहीं चलता और गाडी से उसका एक्सीडेंट हो जाता है। ये पुलिस की गाडी है जिसे ड्राइव कर रहा है इंसपेक्टर तेजा। तेजा अपनी गाड़ी से निकालकर देखता है कि मोनिका लहूलुहान सड़क पर ज़ख़्मी पड़ी हुई है।

कहानी जारी रहेगी श्रृंखला के सातवें भाग "निर्मूलक क्रांति" में।

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