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Review Doga Dhwast | Doga Unmoolan Part-6 Raj Comics

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 Review Doga Dhwast 
 Doga Unmoolan Series | Raj Comics 

Doga Dhwast, the sixth part of Doga Unmoolan Series. Now it has become clear that Nirmulak is Ansh in actually, and he is tricking the both Doga and Yusuf. In order to eliminate Nirmoolak, Kirtimaan has also joined the ground along with Lomadi. But in vain, Nirmulk still poses a threat to Mumbai and its people. And now along with Nirmoolak, another known criminal Zero-G has also entered the scene. Meanwhile, Suraj finally has come to his senses. On the other hand, Yusuf got a memory chip, which has a video file. And Yusuf has lost his temper after watching that video. 
Inspector Teja is making every effort to arrest Doga. In this connection, Teja was returning after talking to Cheeta. Suddenly Monica comes up in front of his car and met with an accident. So this is the story summary of comic 'Doga Dhwast'. Let's begin to discuss the comic "Doga Dhwast", and try to review it.

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Review-Doga-Dhwast-from-doga-unmoolan-series--pic-1My Ratings: 3.5 

RC Official Rating: N/A 

Sr.No/Code: SPCL-2607-H
ISBN: 9789332427099
Language: Hindi
Colors: Four
Author: Mandar Gangele
Penciler: Dildeep Singh
Inker: Ishwar Art, Swati Chaudhary
Colorist: Bhakta Ranjan
Pages: 64
Price: Rs. 60.00

Review Doga Dhwast:

Doga Dhwast was neither very impressive nor was boring, average would be fair to say. This is the sixth part of Doga Unmoolan Series, and the story so far has been completed 183 pages. I do not know whether you realize it or not. But it seems to me that after the 3 comics of 60-page, should be a series finale. Especially when it is a solo comic series, instead of the Multi-star series. Secondly, Doga and Nirmoolak have come face to face only once so far. Since that encounter, Doga (Suraj) was unconscious and come to his senses by now. It means, in the so far 183 pages story, just except for the first 73 pages, Doga was conspicuously absent in all of the remaining 110 pages. In other words, the fourth, fifth and sixth part of the series came and went without Doga. And the most interesting thing, in all the three parts the first word of the Comics Titles was 'Doga'. Don't you think it's a little weird???

Well, let's move ahead and talk about the story. It would be wrong to say that the story is slow. The story is grown-up at the right pace, but I think the readers may be feeling bored after reading this comic. I want to say, the story is getting lengthy now. In a great comic, story, or in a series, the finale is also a significant factor. Need to look into this matter.

About Artwork, I would say only one word 'fantastic'. One thing I liked the most in Doga Unmoolan series, and that is the artwork of this series. Of course, the artists deserve praise. Penciling, inking, coloring, everything is highly appreciable. As the series is growing up, the artwork is also getting better. Doga fans would be very happy with it.

Comics have the exact dialogue. The dialogues are completely matched with the character's personality, storyline, and the circumstances. The dialogues are compelling, powerful, emotional, serious, and spicy too. Overall the dialogues have been written very well.

Weak sides of Doga Dhwast:

  • Lomadi and Kirtimaan leaved unconscious Nirmoolak and went with Shonali. While all three could have easily kill Nirmulak, or could have handed him over to the police. In such, I did not understand why they left the unconscious Nirmolak, just because of the police. However, the fear of Lomadi and Nirmulak is understandable. But Shonali could comfortably imprison Nirmulak in this condition, or could have told the police.
  • Adrak Chacha says, "according to doctor Jaitley, Suraj is still unconscious due to the effect of the poisonous drug." Here's my question, which drug? When and who given the poisonous drug to Doga? I would like to draw readers attention here. At the old telephone exchange, Doga had run to escape from the police and had fallen on the garbage dump from a multi-story building. The fight between Doga and Nirmulak was a little, and the conversation was more. Nirmulk had hit Doga barely 5 times. The first attack, Nirmolak kicked on Doga's head. Second, hit again on Doga's head. Third, Nirmoolak hit doga's arm by his knee. Fourth, he slammed Doga on the pillar. And fifth, he hits Doga's head on the wall. That's it. And by looking at any of these scenes, no one would say that Nirmulk had given the poisonous drug to Doga. So the poisonous drug was given by Adrak Chacha? Or had given by Lomadi?

Strong sides of Doga Dhwast:

  • No doubt, the strongest aspect of the comic Doga Dhwast is an increase in its page numbers. It was very nice to see a 64 pages comic in "Doga Unmoolan Series". The increased page numbers in this series will surely improve the reader's interest.
  • The story is average, but the artwork is fantastic and dialogues are the finest. The artists deserve compliments.

So, this was the review of the comic "Doga Dhwast". Please be sure to rate this comic, using the above rating panel. Share your thoughts about this comic, you are wholeheartedly welcome.
See you again in the review of the next part "Nirmulak Kranti". Until then, read the other reviews and stories.

You Might Also Like to Read the Review of Previous Part 'Doga Ansh': 

Review - Doga Ansh

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समीक्षा डोगा ध्वस्त । उन्मूलन श्रृंखला भाग-6 | राज कॉमिक्स:

डोगा ध्वस्त, डोगा उन्मूलन श्रृंखला का छठा भाग। एक बात साफ़ हो गयी है कि अंश ही निर्मूलक है और वह दोहरी चाल चल रहा है। लोमड़ी के साथ साथ अब कीर्तिमान भी निर्मूलक से जा भिड़ा है। लेकिन कोई फायदा नहीं, निर्मूलक अभी भी मुम्बई और उसकी जनता के लिए एक खतरा बना हुआ है। और अब निर्मूलक के साथ एक और कुख्यात अपराधी जीरो-जी भी मैदान में आ चुका है। इसी सब के बीच आख़िरकार सूरज को होश आ ही गया। वहीँ दूसरी तरफ, युसूफ के हाथ लगा है एक मेमोरी चिप, जिसमे है एक वीडियो फाइल। और इस वीडियो फाइल को देखकर युसूफ अपना आपा खो बैठा है। डोगा को पकड़ने के लिए इंसपेक्टर तेजा हर संभव प्रयास कर रहा है। इसी सिलसिले में चीता से बात करके लौटते वक़्त तेजा की गाडी से मोनिका का एक्सीडेंट हो जाता है। तो ये था कहानी सार डोगा धवस्त का। आइए अब चर्चा करते है कॉमिक 'डोगा ध्वस्त' पर और कोशिश करते हैं इसकी समीक्षा करने की। 

समीक्षा डोगा ध्वस्त:

डोगा ध्वस्त कॉमिक न तो बेहद शानदार थी और न ही उबाऊ, औसत कहना सही होगा। डोगा उन्मूलन श्रृंखला का यह छठा भाग था और कहानी अब तक कुल मिलकर 183 पृष्ठों की हो चुकी है। मैं नहीं जानता की क्या आप भी यह महसूस कर रहे हैं या नहीं। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि 60 पृष्ठों की 3 कॉमिक्स के बाद कोई भी श्रंखला समाप्त हो जानी चाहिए। खासकर तब जब वह एकल कॉमिक्स श्रृंखला हो, बजाय की मल्टीस्टार के। दुसरी बात, अब तक डोगा और निर्मूलक केवल एक ही बार आमने सामने हुए हैं। और उस मुठभेड़ के बाद से डोगा (सूरज) अब तक बेहोश था और अब जाकर होश में आया है। यानि की 183 पृष्ठों की अब तक की कहानी में पहले 73 पृष्ठों को छोड़कर, बाकी के 110 पृष्ठों में डोगा नदारद रहा। दुसरे शब्दों में, श्रंखला का चौथा, पांचवां और छठा भाग, डोगा के बिना ही आया और चला गया। और मजे की बात, इन तीनों ही भागों के शीर्षक में डोगा नाम सबसे पहले लिखा हुआ है। क्या ये थोड़ा अजीब नहीं लगता???

खैर आगे बढ़ते हैं, और बात करते हैं कहानी की। ये कहना गलत होगा की कहानी की गति धीमी है। कहानी सही गति से आगे बढ़ रही है, लेकिन श्रृंखला के इस भाग को पढ़ कर पाठक ज़रूर उकता गए होंगे। मैं कहना चाहता हूँ की कहानी अब लंबी होती जा रही है। एक बढ़िया कॉमिक, श्रृंखला या कहानी में उसका समापन भी एक एहम पहलु होता है। यहाँ इस बात पर गौर करने की ज़रूरत है।

आर्टवर्क, मैं केवल एक शब्द में कहूँगा 'शानदार'। डोगा उन्मूलन श्रृंखला की एक बात जो मुझे सबसे ज़्यादा पसंद आई, वह है इस श्रंखला का आर्टवर्क। बेशक, आर्टिस्ट तारीफ के हकदार हैं। पेन्सिलिंग, इंकिंग, कलरिंग सब कुछ बेहद बढ़िया हुआ है। जैसे जैसे श्रंखला आगे बढ़ती जा रही है आर्टवर्क निखरता जा रहा है। डोगा के चाहने वाले इससे बेहद खुश होंगे।

कॉमिक्स के संवाद भी बिलकुल सटीक हैं। शख्सियत, कहानी और परिस्तिथियों के साथ संवाद पूरी तरह से मेल खा रहे हैं। संवादों में बजन भी है, भावुकता, संजीदगी और मसाला भी है। संवाद कुलमिलाकर बेहतरीन लिखे गए हैं।

डोगा धवस्त के कमजोर पक्ष:

  • लोमड़ी और कीर्तिमान बेहोश निर्मूलक को छोड़कर शोनाली के साथ चले जाते हैं। जबकि तीनो  निर्मूलक को मार सकते थे, या फिर पुलिस के हवाले कर सकते थे। ऐसे में समझ नहीं आया की क्यों तीनो केवल पुलिस के डर से बेहोश निर्मूलक को छोड़कर चले गए। लोमड़ी और कीर्तिमान का तो फिर भी समझ आता है, लेकिन शोनाली तो आराम से निर्मूलक को इस हालत में बंदी बना सकती थी, पुलिस को बुला सकती थी।
  • अदरक चाचा कहते हैं कि, "डॉक्टर जेटली के अनुसार ज़हरीली दवा के असर के कारण सूरज पर यह बेहोशी छाई हुई है"। यहाँ पर मेरा सवाल है, भाई कौन सी दवाई? किसने और कब दी डोगा को जहरीली दवाई? डोगा पुरानी टेलीफ़ोन एक्सचेंज से पुलिस वालों को चकमा देकर सकुशल निकल गया था। उसके बाद वह बहुमंजिला इमारत से सीधा कूड़े के ढेर पर जा गिरा, और उसके बाद निर्मूलक से उसका सामना हुआ। निर्मूलक ने डोगा पर कुल 5 वार किये। पहला डोगा के सर पर लात, दुसरा दुबारा डोगा के सर पर लात, तीसरा डोगा की बांह को अपने घुटने पर मारा, चौथा डोगा को खंबे पर पटक दिया और पांचवां डोगा का सर दीवार पर दे मारा। और इनमें से किसी भी दृश्य को देखकर कोई भी यह नहीं कहेगा कि निर्मूलक ने डोगा पर किसी ज़हरबुझे हथियार से वार किया था। तो क्या डोगा को जहरीली दवाई अदरक चाचा ने दी (गलती से) या फिर लोमड़ी ने दी?

डोगा धवस्त के मजबूत पक्ष:

  • कोई दोराय नहीं, डोगा धवस्त कॉमिक का सबसे मजबूत पहलु इसकी पृष्ठ संख्या में बढ़ोतरी रहा। डोगा उन्मूलन श्रृंखला की इस कॉमिक को 64 पृष्ठों में देख कर बहुत अच्छा लगा। पृष्ठ संख्या में बढ़ोतरी होने से इस श्रंखला में पाठकों की दिलचस्पी भी ज़रूर बढ़ेगी।
  • कहानी औसत है, लेकिन आर्टवर्क और संवाद बेहतरीन हैं शानदार है। आर्टिस्ट तारीफ के हकदार हैं।

तो दोस्तों, ये थी समीक्षा 'डोगा ध्वस्त' कॉमिक की। ऊपर दिए गए रेटिंग पैनल का उपयोग कर इस कॉमिक को रेट ज़रूर करें। और इस कॉमिक के बारे में अपने विचार हमारे साथ साझा करें, आपका तहे दिल से स्वागत है। तो फिर मिलेंगे अगली यानि "निर्मूलक क्रांति" की समीक्षा में। तब तक पढ़िए अन्य समीक्षाएँ और कहानियां।


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