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Where all Comics Comedy Characters gone?


Something is Missing are they Comedy Characters?

There is no doubt that the number of new comics has increased in "recent 3-4 sets" in comparison to the "last 2-3 years". Just 2 or 3 new comics have been released in every set from last 2-3 years, and now that number has been increased to 4. Set number four, five and six of 2015, all three sets have been released with 4 new comics. 
But despite of this, something is still missing. What is lacking? Comics are released in parts, are not completed? Comics series are being published more than the solo issues? Maximum incomplete comics or you can say comics series has a gap of 1-2 sets in between their next releases or parts? Or is something else, which is missing. 


Perhaps, comics have been now confined to the action only. Comedy characters like Gamraj, Fighter Toads and especially Bankelal have failed to make room in the recently released monthly sets. The word "Comic" literally means "Comedy" and it is not getting to see these days. Yes, probably it is the lack of the comics of comedy characters.



Where all the Comedy Characters gone?

 

If you look at the old sets (released before 2000), you will see a list of 7-8 comics in each set. That list would surely have a comic of a comedy character. The character could be Bankelal, fighter toads or Gamraj. At the end of every set, readers get to read such a comic due to which they were cheered up. 
Sometimes that comedy comic was a special issue (Visheshaank) instead of a General issue. Readers were purchased that comedy comic too, along with the other comics of the set. Those were the great golden days of the comics history. Of course, readers are still willing to buy those comedy comics and waiting for them.

I would like to draw your attention to a few aspects here. 

1: The last released comic of these Comedy Characters:


Bankelal:- 
  • Solo Issue: - Anokha Chor (Was released in the Set 2 of 2015, in April 2015).
  • Multi-Star: - Sanjeevani (Was released in Set 10 of 2007, in Nov 2007).

Fighter Toads: - 
  • Solo Issue: - All The Best (Was released in Set 3 of 2011, in May 2011).
  • Multi-Star: - Belmunda Ka Khajana (Was released in Set 1 of 2014, in Feb 2014).

Gamraj: - 
  • Solo Issue: - Raddi Ki Rani - (Was released in Set 6 of 2008, in July 2008). 
  • Multi-Star: - Prasanjeet - (Was released in Set 1 of 2008, in Jan 2008).


2: Total number of released Comics of these Comedy Characters:

Note: - These comic numbers may be higher, but there is no scope to be less.


  • Bankelal: - Approximately 243 Comics have been released so far.
  • Fighter Toads: - Approximately 78 Comics have been released so far.
  • Gamraj: - Approximately 131 Comics have been released so far. 

(Note: - King Comics are also included in Gamraj Comics. Gamraj had appeared firstly in King Comics, later he merged into Raj Comics. King Comics was a subdivision of RC).

I am trying to say that if such a massive number of Comedy characters comics have been published, it means they have a good sale that is why they were published in such number. If readers do not like these comics then they have never buy them and if they have never buy them then the number of comics would have never reach here. I mean to say is, readers loves the comics of Comedy characters.

Raj Comics Publications is not publishing the comics of Comedy characters regularly and by doing this they are making a big mistake. If a comic series can be divided into 24-25 pages and can be regularly published in every set, then comedy characters can also get some space in the monthly sets. And they really deserve it. I think if a comic of any comedy characters will published in 24-25 pages, so that any reader would not have any objection. Reason, because a comedy comic can be completed easily in 24-25 pages instead of a comics series or any other solo comic.

By regularly publishing the low page comedy comics would be good for both Raj comics and their readers. 



For example:


  1. The comedy comic will be completed in fewer pages (A comic series will not have to split into many small parts).
  2. The number of comics will be increased in the monthly sets.
  3. Comics of various Comedy characters will be released in the monthly sets, due to which comedy characters will be able to survive.
  4. The complaint of the readers, that solo and comedy comics are not regularly released will also be completed.

I'm excited to know about your thoughts.

Do you miss the comics of comedy characters?


Do you agree with me or disagree? Please give your valuable feedback in the form of comments.



कुछ कमी महसूस हो रही है, क्या यह हास्य किरदारों की कमी है?


इस बात में कोई शक नहीं है की "पिछले 2-3 वर्षों" के मुकाबले "मौजूदा 3-4 सेट्स में" नयी कॉमिक्स की वृद्धि हुई है। जहाँ हर सेट में केवल 2 या 3 नयी कॉमिक्स ही आती थी, अब ये संख्या बढ़कर 4 हो गयी हैं। 2015 के सेट नंबर 4, 5 और 6 नियमित रूप से 4
नयी कॉमिक्स के साथ जारी किये गए हैं।
लेकिन बावजूद इसके, कुछ कमी सी खल रही है। वो कमी आखिर है क्या? क्या कॉमिक्स पूरी नहीं आ रही, भागों में हैं? एकल के मुकाबले श्रृंखलाएं अधिक आ रही हैं? हर कॉमिक के अगले भाग के बीच 1-2 सेट्स का अंतराल है? या फिर कुछ और है जिसकी कमी सी महसूस हो रही है।

शायद कॉमिक्स अब एक्शन तक ही सिमट कर रह गयी हैं। गमराज, फाइटर टोड्स और खासकर बांकेलाल जैसे हास्य किरदार कुछ समय से नए मासिक सेट्स में जगह बनाने में नाकामयाब रहे हैं। कॉमिक जिसका की शाब्दिक अर्थ है "हास्य" वो ही अब ढूंढें नहीं मिल रहा। जी हाँ शायद ये कमी है हास्य किरदारों की कॉमिक्स की ही है। 
   
अगर आप पुराने सेट्स (2000 से पहले के) की कॉमिक्स सूची पर नजर डालें तो आप देखेंगे 7-8  कॉमिक्स के बीच एक कॉमिक हास्य किरदार के नाम ज़रूर होती थी। फिर चाहे किरदार बांकेलाल हो, फाइटर टोड्स हों, या फिर गमराज हो। पाठकों को सेट के अंत में एक ऐसी कॉमिक पढ़ने को मिलती थी जो पूरे सेट के गिले-शिकवे दूर कर देती थी।
कई बार वो हास्य कॉमिक जनरल के बजाय विशेषांक भी होती थी। लेकिन फिर भी पाठक उसे तवज्जो देते थे और सेट की बाकी कॉमिक्स के साथ साथ उसे भी शौक से खरीदते थे। कॉमिक्स इतिहास के वो काफी सुनहरे दिन थे।  बेशक, पाठकों आज भी कॉमेडी कॉमिक्स खरीदने को तैयार हैं और उनके लिए इंतज़ार कर रहे।

मैं कुछ पहलुओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा।


पहला: हास्य किरदारों की अंतिम जारी हुई कॉमिक्स:


बांकेलाल: - 

  • एकल अंक: - अनोखा चोर (2015 के सेट नंबर 2 में अप्रैल 2015 को जारी किया गया था)।
  • मल्टी-स्टार: - संजीवनी (2007 के सेट नंबर 10 में नवंबर 2007 को जारी किया गया था)।

फाइटर टोड्स: - 

  • एकल अंक: - ऑल द बेस्ट (2011 के सेट नंबर 3 में मई 2011 को जारी किया गया था)।
  • मल्टी-स्टार: - बेलमुंडा का खजाना (2014 के सेट नंबर 1 में फ़रवरी 2014 को जारी किया गया था)।

गमराज: - 
  • एकल अंक: - रद्दी की रानी - (2008 के सेट नंबर 6 में जुलाई 2008 को जारी किया गया था)।
  • मल्टी-स्टार: - प्रसंजीत - (2008 की 1 सेट नंबर में जनवरी 2008 को जारी किया गया था)।


दूसरा: हास्य किरदारों की कुल जारी हुई कॉमिक्स:


  • बांकेलाल: - अब तक लगभग 243 कॉमिक्स जारी की जा चुकी हैं।
  • फाइटर टोड्स: - अब तक लगभग 78 कॉमिक्स जारी की जा चुकी हैं।
  • गमराज: - अब तक लगभग 131 कॉमिक्स जारी की जा चुकी हैं।

मैं ये कहना चाहता हूँ की अगर हास्य किरदारों की इतनी भारी मात्रा में कॉमिक्स छप चुकी हैं, मतलब वो बिकती है तभी छापी गयी। अगर पाठकों को पसंद ना होती तो बिकती नहीं और अगर बिकती नहीं तो कॉमिक्स की संख्या यहाँ तक नहीं पहुँच पाती। मेरे कहने का अभिप्राय सिर्फ इतना की, पाठक हास्य किरदारों की कॉमिक्स को पसंद करते हैं


ऐसे में हास्य किरदारों की कॉमिक्स को नियमित रूप से प्रकाशित न करना राज कॉमिक्स पब्लिकेशन की भारी भूल है। अगर किसी कॉमिक श्रृंखला को 24-25 पृष्ठों में बाँट कर नियमित रूप से हर सेट में प्रकशित किया जा सकता है, तो हास्य किरदारों की कॉमिक्स को भी मासिक सेट में जगह दी जा सकती है। और वह वास्तव में इसके काबिल हैं। मेरे ख्याल से हास्य किरदारों की कॉमिक्स अगर 24 पृष्ठों में आती है तो उस से किसी भी पाठकों को कोई भी आपत्ति नहीं होगी। क्यूंकि 24 पृष्ठों में एक हास्य कॉमिक आसानी से पूरी की जा सकती है, बजाय किसी कॉमिक्स श्रृंखला के या किसी अन्य कॉमिक के। 

हास्य किरदारों की कम पृष्ठों की कॉमिक्स को नियमित रूप से प्रकाशित करने से काफी फायदा होगा, राज कॉमिक्स को भी और पाठकों को भी। 



उदहारण के तोर पर:


  • नंबर एक: कम पृष्ठों में कॉमिक पूरी हो जाएगी (श्रृंखलाओं को छोटे भागों में बांटना नहीं पड़ेगा)। 
  • नंबर दो: सेट की कॉमिक्स संख्या में भी इजाफा होगा। 
  • नंबर तीन: हर सेट में अलग अलग हास्य किरदारों की कॉमिक्स आने से हास्य किरदार भी जीवंत रहेंगे। 
  • नंबर चार: पाठकों की शिकायत की हास्य और एकल कॉमिक्स नहीं आती वो भी पूरी हो जाएगी।

मैं इस बारे में अापके विचार जानने के लिए उत्साहित हूँ।

क्या आपको हास्य किरदारों की कॉमिक्स की कमी महसूस हो रही है?


मेरे उपरोक्त तर्क से आप सहमत हैं या असहमत, कृपया कमेंट्स के रूप में अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया ज़रूर दें

  
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1 comments:

  1. Good news for Bankelal fans,
    Bodiwaala bankelal is the upcoming comics of Bankelal. And it is going to release in the 3rd set of 2016, The Sarvshakti Set.

    ReplyDelete