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Review Doga Ansh Unmoolan Series

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 Review - Doga Ansh
 Doga Unmulan Series | Raj Comics 

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Review Doga Ansh - Pic 1

My Ratings: 4 /5        

RC Official Rating: N/A

Code: SPCL-2601-H
ISBN: 9789332425521
Language: Hindi
Author: Mandar Gangele
Penciler: Dildeep Singh
Inker: Ishwar Art, Swati Chaudhary
Colorist: Shadab Siddiqui, Abhishek singh
Pages: 32
Price: Rs 40.00

Story Summary:

Nirmulak becoming successful in his every move and he is now become a serious headache to the Mumbai administration and the people. In such a situation Doga is the only man who could stop him. But the people of Mumbai are now turned against Doga, and probably his life too. At the moment Lomadi remains the biggest bottleneck of Nirmulak's way. On the other side, Sonali knows the reality of duplicate Doga, and now she is trying to expose him in front of the public. She wants to tell the people that Doga is not a devourer, he is still our protector. But Nirmulak wants to stop her from doing so and he has reached Shonali’s home. And once again Lomadi is standing among Nirmulak and the victim. This is the summary of the comic "Doga Ansh". Let's begin discuss the comic "Doga Ansh", the fifth part of the Doga Unmulan Series.

Review - Doga Ansh | Doga Unmoolan -5

Doga Ansh is a simple but a finest and entertaining Comic. In my view, it was the best comic of this set. Except for the absence of Doga, everything else was fantastic in this comic. But it is part of the story. The one who appeared on every page is not the hero, hero is the one who arrived when people actually needs him, that is why he is the hero.

Let's talk about the villain the Nirmulak, if I'm correct then Nirmulak is burning in the fire of revenge. And now he wants to burn Doga in this fire, along with the criminals. Why I am thinking that Nirmulak is eager to avenge? I am pretty sure that Ansh is behind the mask of Nirmulak. Why? Reasons are, Nirmulak is pretended to be with Yusuf, but actually he is totally against him. Under the guise of Doga he is making harm to Yusuf, in both ways lives and property. Nirmulak killed Yusuf's son at Yusuf's party in the dress up of Doga. Nirmulak did all this because Yusuf is responsible for the death of his parents and cause the waste of his life. The burnt face behind the mask of Nirmulak is of Ansh, and which is due to the fire in his home in childhood. And Yusuf is responsible for this. Well how accurate is my guess, it will be clear in the next part and we will get the answer.

Let's move towards the story, the story of the comics Doga Ansh is an ordinary story that is not difficult to understand and accept. The story is quite neat and clean and enjoyable. Each character has an important role and the story does not have any character unnecessarily. The pace of the story is good and the incidents are well linked to each other. Childhood glimpse of Suraj has been shown in a very impressive manner. The incidents of Suraj's life which caused the rise of Doga are arguably loved by the fans and they always want to know them.

About the artwork, I would say in a single word "fantastic". In comparison to existing ongoing comic series "Doga Unmulan Series" has proved to be very much better. Whether the story, the artwork, or to maintain the interest of the readers, Doga Unmulan Series has proved to others everywhere. And the fifth part of this series "Doga Ansh" is also largely succeeded. The most wonderful thing about the artwork is the body language. Especially the facial expressions of each character are perfectly matched to the situations. You may guess the comic story without reading the dialogues.

The dialogues are simple and good, fully balanced. Dialogues in the Childhood story of Suraj were fantastic and written in a superb and touching manner.

The weak aspect of the comic:

  • When Nirmulak in disguise of Doga attacked on Shonali's hand with a knife, then she was picking up her mobile dropped on the ground. The knife goes into the ground tearing her hand and the mobile. Sonali's hand and the mobile have sticks to the ground. But when Nirmulak attacked second time on her other hand, then Sonali's first injured hand has been shown on the table along with the knife. Here is a little mistake in drawing.
  • If there is any negative thing in the entire comic, so that is the shortage of page number. Hope, as Raj Comics Team said earlier, this shortage will be fulfilling in the upcoming part.

  Strengths of the comic:

  • In this comic, one of the incidents which caused the rise of Doga has been shown very beautifully. Comic’s story began with the glimpse of a poor and orphaned boy's life struggling with the troubles. And to bring this situation into the pictures, I think 15-20 frames in just 3-4 pages are extremely insufficient. But still it has been shown brilliantly, the artists really deserves both praise and applause.
  • See page number 24 the 2nd frame, behind the mask of Doga there is another mask and the artist did not ignore it at all. Such things are not usually paid much attention, but here the artist had taken care of it. And such things reflect an artist's class.
  • Fearless and brutal style of a villain makes his character and personality even more perfect. The way Nirmulak dealt with Shonali, it makes his negative role even more dangerous. Nirmulak so far lived up to the role of villain.

Overall, it can be said that the readers did not disappoint with the comic Doga Ansh. Now I am waiting for the upcoming and the 6th part of the series "Doga Dhwast". Are you waiting too?

Friends, please share your thoughts about this comic with us, you are most welcome. See you again in the review of the next part "Doga Dhwast". Until then, read the other reviews and stories.

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Review - Doga Unmat Raj Comics

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Review Doga Ansh Pic 2

कहानी सारांश: 

निर्मूलक अपनी हर चाल में सफल हो रहा है और वह मुंबई प्रशासन और लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। ऐसे समय में केवल एक ही आदमी है जो उसे रोक सकता है, और वह है डोगा। लेकिन पूरी मुंबई आज डोगा के खिलाफ है, और शायद ज़िन्दगी भी। और ऐसे में लोमड़ी निर्मूलक के रस्ते की इस वक़्त सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई है। वही दूसरी और शोनाली जान चुकी है नकली डोगा की असलियत और वह जनता के सामने उसका राजफाश करना चाहती है। वह बताना चाहती है कि डोगा आज भी मुंबई का और हमारा रक्षक है। लेकिन निर्मूलक को यह मंजूर नहीं और वह पहुंच गया है शोनाली के सामने। लेकिन लोमड़ी एक बार फिर से निर्मूलक और उसके शिकार के बीच खड़ी है। यह है कहानी सार कॉमिक "डोगा अंश" का। आईये चर्चा करते हैं डोगा उन्मूलन श्रंखला की पांचवीं कॉमिक डोगा अंश के बारे में। 

समीक्षा - डोगा अंश | उन्मूलन श्रृंखला | राज कॉमिक्स

डोगा अंश एक साधारण लेकिन बढ़िया और मनोरंजक कॉमिक है। मेरी नजर में यह कॉमिक इस सेट की सबसे बेहतरीन कॉमिक रही। इस कॉमिक में डोगा की नामौजूदगी को छोड़कर बाकी सब बढ़िया था, लेकिन यह कहानी का एक हिस्सा है। जो हर पृष्ठ पर दिखे वह नायक नहीं, नायक वो है जो ज़रूरत के वक़्त दिखे, इसीलिए तो वह नायक है।

बात करते हैं खलनायक यानि निर्मूलक की, अगर मैं सही हूँ तो निर्मूलक बदले की आग में तपा हुआ है और अब वह इस आग में अपराधियों के साथ साथ डोगा को भी जलाकर खाक कर देना चाहता है। मैं ऐसा क्यों सोच रहा हूँ की निर्मूलक बदला लेने को आतुर है? मुझे पूरा यकीन है कि अंश ही निर्मूलक है। क्यों? कारण हैं, निर्मूलक का युसूफ के साथ होकर भी उसके खिलाफ होना। डोगा की आड़ में युसूफ का नुक्सान करना, जान और माल दोनों का। सरे आम युसूफ की पार्टी में डोगा बन कर उसके बेटे की हत्या करना। इस सब की वजह है युसूफ, क्यूंकि वही अंश के माता-पिता की मौत और उसकी तबाही के लिए ज़िम्मेदार है। निर्मूलक के नकाब के पीछे जला हुआ चेहरा अंश का है, उसके जले हुए चेहरे की वजह बचपन में उसके घर में लगी आग थी। और इस आग की बजह भी युसूफ ही था। खैर मैं कितना सही सोच रहा हूँ, ये आगामी भाग में साफ़ हो जाएगा और हमें इसका जवाब मिल जाएगा।

बढ़ते हैं कहानी की और, डोगा अंश कॉमिक की कहानी एक आम कहानी है जिसे समझना और स्वीकारना मुश्किल नहीं। कहानी बिलकुल साफ़ सुथरी और मनोरंजक है। हर किरदार के पास उसकी एक अहम भूमिका है कोई भी किरदार कहानी में बेवजह या ज़बरदस्ती नहीं लगता। कहानी की गति भी सराहनीय है और घटनाएं भी एक दूसरे के साथ अच्छे से जुड़ी हुई हैं। सूरज के बचपन की झलक बहुत ही शानदार तरीके से दर्शाई गई है। सूरज के डोगा बनने के पीछे की घटनाओं को यक़ीनन डोगा का हर चाहने वाला पसंद करता है और जानना भी चाहता है।

बात करें आर्टवर्क की तो मैं एक शब्द में कहूंगा "लाजवाब"। मौजूदा चल रही अन्य कॉमिक श्रृंखलाओं की तुलना में डोगा उन्मूलन श्रंखला ज़यादा बढ़िया साबित हुई है। फिर चाहे बात कहानी, आर्टवर्क या फिर पाठकों की रूचि को बनाए रखने की हो। हर जगह डोगा उन्मूलन श्रंखला बाकियों पर भारी पड़ी है। और इस श्रंखला का पांचवां भाग "डोगा अंश" भी काफी हद तक इसमें सफल रहा है। इस कॉमिक के आर्टवर्क की सबसे ख़ास बात यह है की हर किरदार के शारीरिक हाव भाव, खासकर चेहरे के एक्सप्रेशंस जोकि परिस्तिथियों से पूरी तरह मेल खा रहा हैं। आप संवादों के बिना भी कॉमिक्स की कहानी का अंदाजा आराम से लगा सकते हैं।

कॉमिक्स के संवाद अच्छे और सरल हैं, एकदम नपे तुले। सूरज के बचपन वाले हिस्से में संवाद बहुत ही बेहतरीन हैं और शानदार तरीके से लिखे गए हैं।

कॉमिक के कमजोर पहलु: 

  • डोगा के वेश में निर्मूलक जब शोनाली के हाथ पर चाकू से वार करता है, तो वह ज़मीन पर गिरा फ़ोन उठा रही थी। चाकू शोनाली के हाथ और फ़ोन को चीरता हुआ फर्श में समा जाता है। और सोनाली का हाथ और फ़ोन एक तरह से फर्श से चिपक जाता है। लेकिन निर्मूलक जब शोनाली के दूसरे हाथ पर चाकू से वार करता है, तो शोनाली का पहला हाथ चाकू समेत टेबल पर दिखाया गया है। यहाँ पर चित्रकारी में गलती हुई है।
  • इस पूरी कॉमिक्स में अगर कोई कमी है, तो वह है इसकी पृष्ठ संख्या। जैसा की राज कॉमिक्स टीम ने कहा है, यह कमी आगामी भाग में पूरी होने वाली है।

  कॉमिक के सशक्त पहलु:

  • डोगा को जन्म देने वाली घटनाओं में से एक घटना इस भाग में बहुत ही अच्छे तरीके से दर्शायी गयी है। कॉमिक की शुरुआत हुई एक गरीब और अनाथ बच्चे की परेशानियों से जूझती हुई ज़िन्दगी की एक झलक से, ज़िन्दगी के साथ होती उसकी जदोजहद से। और इसे चित्रों में उतारने के लिए 3-4 पृष्ठों की 15-20 फ्रेम्स बेहद कम हैं। लेकिन फ़िर भी इसका हर पहलु बखूबी दिखाया गया है, कलाकार सच में तालियों और तारीफ़ दोनों के हकदार हैं।
  • पृष्ठ संख्या 24 की दूसरी फ्रेम देखिये, डोगा के नकाब के पीछे एक और नकाब है इस बात को चित्रकार ने बिलकुल भी नजरअंदाज नहीं किया। आमतौर पर ऐसी बातों पे ज़यादा गौर नहीं किया जाता, लेकिन यहाँ चित्रकार ने इसे अहमियत दी है, जोकि उसकी श्रेणी को दर्शाता है।
  • किसी खलनायक का निर्भीक और खूंखार अंदाज़ उसके किरदार को और बेहतरीन बनता है। निर्मूलक जिस तरह से शोनाली से पेश आया, यह उसकी नकारात्मक भूमिका को और भी उत्कृष्ट बनता है। खलनायक की भूमिका में निर्मूलक अब तक खरा उतरा है।

कुलमिलाकर यह कहा जा सकता है कि कॉमिक डोगा अंश ने पाठकों को निराश नहीं किया। इंतज़ार रहेगा आगामी भाग-6 "डोगा ध्वस्त" का।

दोस्तों, इस कॉमिक के बारे में अपने विचार हमारे साथ साझा करें, आपका तहे दिल से स्वागत है।
तो फिर मिलेंगे अगली यानि "डोगा ध्वस्त" की समीक्षा में। तब तक पढ़िए अन्य समीक्षाएँ और कहानियां।

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